।। सूर्य देवता और स्वास्थ्य ।।

  • 24/09/2018

ज्योतिष और विज्ञानं के क्षेत्रमें यह मन गया हे की ग्रहो को रश्मि या ग्रहो से निकलने वाली किरणों का हमारे जीवनऔर स्वास्थ्य पर शुभ और अशुभ प्रभाव पड़ता है। जिसके कारण व्यक्ति विशेष अनेक व्याधियोंऔर बीमारियों से ग्रस्त रहता है सूर्य नमस्कार और प्रणायाम करने से अनेक बीमारियोंमें रहत मिलती है और ग्रह का दान करने से लाभ और आरोग्यता प्राप्त होती है।

।। बेहतर और उच्च शिक्षा प्राप्ति में मददगार ग्रह ।।

  • 24/09/2018

आधुनिक समय में बेहतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए व्यक्ति विशेष की कुंडली में बैठे ग्रहो की मदद से वैदिक क्षमता, याद्दाश्त, स्मरण शक्ति, आदि का विचार किया जाता है जन्म कुंडली और गोचर दशाओ से यह अनुमान lagaya जा सकता हे की कोनसा ग्रह आपको किस क्षेत्र मंं और किस शिक्षा में लेकर जायगा जैसे सूर्य, मगल आदि से राजकीय क्षेत्र में विचार किया जाता है।

।। क्या है शनि दोष ।।

  • 24/09/2018

अधिकांश देखा गया हे की जिंदगी में सभी तरफ से अच्छा चलने वाला समय यकायक अशुभ समय में बदल जाता है. जिसके कारण व्यक्ति को घोर कष्टों का सामना करना पड़ता है अचानक नौकरी व्यवसाय परिवार नविन कार्यो में अड़चने आने लगती हे जिसके कारण जिंदगी रुक सी जाती हे अचानक कई बीमारिया घेर लेती हे जो दीर्घकालीन चलति है।  शांति के लिए पीपल वृक्ष में जल चढ़ाना चाहिए और शाम के समय सरसो के तेल का दीपक जलना चाहिए।

।। कृपा हे पितृ पक्ष और पितृ देवता ।।

  • 24/09/2018

भाद्रपद पूर्णिमा से अश्विन अमावस्या तक के पक्ष को पितृ पक्ष कहा जाता है पूर्णिमा से लेकर अमावस्या तक 16 तिथियां और दिनों में पूर्वजो का तिथि के अनुसार श्राद निकला जाता है। घर के देवताओ को पितृ कहा जाता है जो व्यक्ति रोज पूजा पाठ नहीं कर पाता वह व्यक्ति अगर श्राद पक्ष में अपने पूर्वजो का भक्ति भाव से श्राद करता है ब्राहम्णो को भोजन और दान देता है वह पुरे 365 दिनों का पुण्यो का लाभ लेता है।

ऋद्धि सिद्ध की प्राप्ति के लिए

  • 13/11/2018

इसके लिए रामायण के इस मंत्र का जाप करें जो इस प्रकार है साधक नाम जपहिं लय लाएं।होहि सिद्धि अनिमादिक पाएं।।

परीक्षा में सफलता के लिए

  • 13/11/2018

इसके लिए रामायण के इस मंत्र का जाप करें जो इस प्रकार है- जेहि पर कृपा करहिं जनुजानी। कवि उर अजिर नचावहिं बानी।। मोरि सुधारहिं सो सब भांती। जासु कृपा नहिं कृपा अघाती।।

लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए

  • 13/11/2018

इसके लिए रामायण के इस मंत्र का जाप करें जो इस प्रकार है- जिमि सरिता सागर मंहु जाही। जद्यपि ताहि कामना नाहीं।। तिमि सुख संपत्ति बिनहि बोलाएं। धर्मशील पहिं जहि सुभाएं।।

धन सम्पत्ति की प्राप्ति हेतु

  • 13/11/2018

इसके लिए रामायण के इस मंत्र का जाप करें जो इस प्रकार है- जे सकाम नर सुनहिं जे गावहिं। सुख सम्पत्ति नानाविधि पावहिं

प्रेम वृद्धि के लिए

  • 13/11/2018

इसके लिए रामायण के इस मंत्र का जाप करें जो इस प्रकार है-सब नर करहिं परस्पर प्रीती।चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीती।।

सुख प्राप्ति के लिए

  • 13/11/2018

इसके लिए रामायण के इस मंत्र का जाप करें जो इस प्रकार है- सुनहि विमुक्त बिरत अरू विबई। लहहि भगति गति संपति नई।।

शास्त्रार्थ में विजय पाने के लिए

  • 13/11/2018

इसके लिए रामायण के इस मंत्र का जाप करें जो इस प्रकार है- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा। आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।।

चौंकाने वाले तुलसी के अतुल्य उपाय

  • 21/09/2018

आध्यात्मिक आयुर्वेद में तुलसी का महत्व सभी जानते हैं लेकिन ज्योतिष विज्ञान के क्षेत्र में भी तुलसी का प्रयोग ग्रहों के दुष्परिणाम को दूर करने में कारगर सिद्ध होता है जैसे मंगल ग्रह से हाई ब्लड प्रेशर आदि में तुलसी का पत्ता सेवन करना चाहिए जिस व्यक्ति को अनिद्रा और मानसिक शक्ति या चंद्रमा को अनुकूल करने के लिए बुध केतु की वजह से चर्म रोग कील मुंहासे जैसे रोग ठीक होते हैं .

राशि के अनुसार रुद्राक्ष पहनने से चमकेगी आपकी की किस्मत

  • 21/09/2018

जीवन के जटिल उतार-चढ़ाव के लिए और सोई हुई किस्मत को जगाने के लिए शिव शंकर की अमूल्य रत्न रुद्राक्ष धारण करने से नौकरी व्यवसाय संता गृह दुष्प्रभाव तथा नवग्रह दुष्प्रभाव से निजात पाने के लिए आज ही अपनी राशि के अनुसार रुद्राक्ष धारण करें

गंगाजल गोमूत्र के हमारे जीवन में लाभ

  • 21/09/2018

कई घरों में देखा गया है कि आपसी समझ अन समझ के कारण झगड़े होते रहते हैं जिसके कारण घर का वातावरण असंतुष्ट होता है घर के वातावरण को शुद्ध करने के लिए तथा ऊपरी बाधाओं को नियंत्रित करने के लिए या दूर करने के लिए गंगाजल या गोमूत्र का 21 दिन तक प्रतिदिन प्रातः काल प्रोक्षण करे

।। किस दिशा की यात्रा और किस दिन देगी विशेष लाभ ।।

  • 21/09/2018

रोजमर्रा की जिंदगी में व्यक्ति धन कमाने के लिए इधर उधर जाता रहता है और कई बार जिस काम के लिए वह जाता हे उसका काम नहीं बनता है यह योग ग्रहो की दिशा से बनता है. ग्रहो की शुभ दिशाओ में जाने से शुभ यात्रा और लक्ष्मी धन की प्राप्ति होती है और अशुभ दिशा में जाने से धन का क्षय मानसिक और शारीरिक थकान आदि का सामना करना पड़ता है।